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“मुझे एक घर बताइये जहाँ नारी मजबूरियों में घुट नहीं रही । मैं शिक्षित और साहसी औरतों क्री बात नहीं कह रहा ?” यह बात किसने, किससे और किस सन्दर्भ में कही है ?

Sara Akash Upanyas ki Prasn


उत्तर

बिभिन्न सामाजिक समस्याओँ पर अक्सर शिरीष जावू और समर में विचारों का आदान-प्रदान होता रहता है । एक दिन भारतीय समाज में पिता की सम्पत्ति में महिलाओँ की हिस्सेदारी की जात जब शिरीष जाबूने कही तब समर ने उसका विरोध करते हुए कहा — इससे अपने यहाँ की सती और आदर्श नारियों की उज्जल परम्परा एकदम लुप्त हो जाएगी । विवाह का आधार या तो स्वार्थ रह जाएगा या वासना का आवेश । समर कै इप्ती तर्क का विरोध करते हुए शिरीष बाबू ने उपर्युक्त बात समर से कही ।


ISC Sara Akash Notes

Dipendu Das

Dipendu Das

Author of Resonating Voices and Resounding Minds. A writer, poet, blogger and web developer. Administrator and Founder of ExamsTopper. Alumnus of Stepping Stone Model School, Alipurduar. Currently pursuing BA. LLB. (Hons.) at the prestigious NLU National University of Study and Research in Law (NUSRL), Ranchi. His work has been published in more than 21 nations around the globe.

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